आख़िरकार लिंग तो महज़ लिंग ही है

A gender-equal society would be one where the word 'gender' does not exist: where everyone can be themselves

A gender-equal society would be one where the word 'gender' does not exist: where everyone can be themselves

शुरुआत में मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आया था, मुझे लगा कि यह हम इंसानों को बांट रहा है, कि इसने हमें इतनी रफ़्तार दे दी है कि हमने अपनी नैतिकता ही खो दी है। लेकिन अब, मुझे यह बहुत पसंद है, खासकर अपने बिजनेस के दृष्टिकोण से, क्योंकि इससे मुझे अपने भाग्य को खुद नियंत्रित करने की एक अलग ही स्तर की आज़ादी मिलती है। हमने बहुत से लोगों को बहुत अमीर बनाया है! बेशक सोशल मीडिया के अपने फायदे और नुकसान हैं, लेकिन यह तो हर चीज के साथ है। इसलिए मैं बस उस चीज़ का फायदा उठाता हूँ जिससे मुझे और मेरे परिवार को लाभ हो और बाकी फालतू बकवास को नजरअंदाज कर देता हूँ

*On Gender, is after all, just Gender

*On Gender, is after all, just Gender