पीठ पर लादकर चलने वाले बैग (बैकपैक) को तैयार करने की कला यही है कि आप यह जानें कि क्या साथ नहीं ले जाना है।
Backpacking is the art of knowing what not to take.
Backpacking is the art of knowing what not to take.
पीठ पर लादकर चलने वाले बैग (बैकपैक) को तैयार करने की कला यही है कि आप यह जानें कि क्या साथ नहीं ले जाना है।
Backpacking is the art of knowing what not to take.
Backpacking is the art of knowing what not to take.